शासन की लापरवाही से खुले में पड़ा है 109 करोड़ का धान

  10/07/2019


मानसून से पहले प्रदेश शासन ने धान खरीदी के बाद खुले में रखे गए 109 करोड के धान को बारिश से बचाने का इंतजाम नहीं किया। नतीता यह है कि धान का यह भंडार पानी से भींग कर बर्बाद हो रहा है। इसी से शासन के अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे किस प्रकार की व्‍यवस्‍था दे रहे हैं। इस बीच खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और तत्‍काल धान को बचाने का आदेश दिया है।

बलरामपुर,  रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिले के संग्रहण केंद्रों में करीब 109 करोड़ का धान खुले में पड़ा है। प्रशासन के पास इन जिलों में खुले में पड़े चार लाख 35 हजार 710 क्विंटल धान को सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था नहीं है। कमोबेश प्रदेश के कई जिलों में यही स्थिति बनी हुई है।

बलरामपुर जिले में राइस मिल कम है,  इस कारण कस्टम मिलिंग में तेजी नहीं आ पा रही है। जिले के डकवाराजपुर और रामानुजगंज संग्रहण केंद्र में कुल दो लाख 12 हजार 714 क्विंटन धान खुले में रखा हुआ है। धान को बारिश से बचाने के लिए फटे हुए कैप कवर से ढंककर खानापूर्ति की गई है। धान से भरी ऊपर की बोरियां भीग चुकी है और बाकी में नमी आने लगी है।

रायगढ़ जिले में चार धान संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। केवल खरसिया के केंद्र में ही धान का उठाव हो पाया है। लोहरसिंह संग्रहण केंद्र में 36 हजार क्विंटलसारंगढ़ के हरदी में छह लाख क्विंटल और बरमकेला में भी बड़ी मात्रा में धान बचा हुआ है। इन केंद्रों से अरवा की जगह अभी केवल उसना राइस मिलिंग करने वाले मिलर्स ही उठाव कर रहे हैं। इस कारण धान का उठाव धीमी गति से हो रहा है। डीएमओ सीआर जोशी का दावा है कि जिले में बचे हुए 11 लाख क्विंटल धान का उठाव 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

रायगढ़ जिले में अकलतराजांजगीरडभरा और सक्ती में धान संग्रहण केंद्र है। इन केंद्रों में एक लाख 13 हजार क्विंटल धान जाम है। बारिश से बचाव के लिए धान की बोरियों से कैप कवर से ढंका गया थालेकिन तेज हवा के चलते ज्यादातर कवर फट गए हैं। धान में नमी आ गई हैजिससे उनके अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है।

मंगलवार को खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम बकतरा और तिल्दा विकासखंड मुख्यालय के धान संग्रहण केंद्र का मुआयना किया। इसके बाद भगत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम हथबंद स्थित संग्रहण केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। स्टेट वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के गोदाम की व्यवस्था भी देखने पहुंचे। मंत्री ने संग्रहण केंद्रों में बचे हुए धान को सुरक्षित करने और जल्द उठाव कराने का निर्देश दिया। मंत्री भगत का कहना है कि एफसीआइ गोदामों में जगह नहीं होने के कारण चावल जमा नहीं हो पा रहा है। इस कारण संग्रहण केंद्रों में अब तक धान बचा हुआ है।













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