संविदा प्राध्यापकों को स्थाई नियुक्ति तक न हटाए सरकार

  09/07/2019


हाईकोर्ट ने महाविद्यालयों में स्थाई नियुक्ति होने तक संविदा प्राध्यापकों को सेवा से अलग नहीं करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता प्रथा शर्मा,  निलेश वर्मा, टेकराम प्रधान समेत अन्य प्रदेश के महाविद्यालयों में संविदा प्राध्यापक के पद में कार्यरत हैं। उनसे मार्च-अप्रैल तक ही सेवाएं ली जाती हैं। दो से तीन माह तक सेवा से अलग रखा जाता है। इसके बाद जुलाई-अगस्त में नया आवेदन आमंत्रित कर उन्हें पुन: रखा जाता है।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता रिक्त पदों पर संविदा में सेवाएं दे रहे हैं। बीच में सेवा समाप्त करने के बजाय संविदा में ही निरंतर कार्य लेने की मांग की गई। जस्टिस पी. सेम कोशी के कोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने शासन को महाविद्यालयों में प्राध्यापक के रिक्त पद में जब तक स्थाई नियुक्ति नहीं होती याचिकाकर्ताओं को सेवा से अलग नहीं करने का आदेश दिया है। इसके साथ याचिका को निराकृत किया है।













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