छत्तीसगढ़ विधानसभा में अंडे पर घिरी भूपेश सरकार

  30/11/2019


छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल में विपक्ष के विधायकों ने स्कूलों के मिड डे मील में अंडे नहीं देने को लेकर सवाल किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि पांच दिन तक सदन को अंडे के नाम पर उबाला गया,  लेकिन आदिवासी जिलों में अंडे नहीं दिए जा रहे हैं। क्या वहां विरोध हो रहा है। आखिरी आदिवासी बच्चों को अंडा क्यों नहीं परोसा जा रहा है। इस पर मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कहीं भी विरोध नहीं हो रहा है। हम स्कूलों में अंडे देंगे। स्कूलों में डीएमएफ और अन्य मद से अंडे दिए जा रहे हैं।

मंत्री के जवाब पर कौशिक ने आपत्ति जताई और कहा कि रायपुर, बिलासपुर में अंडे पहुंचाए जा रहे हैं, जबकि ट्रांसपोर्ट में खर्चे के कारण सुकमा और अन्य जिलों में नहीं भेजा जा रहा है। इस बीच विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने सोया मिल्क को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बिना कोल्ड चेन बनाए कैसे सप्लाई की जा रही है। मंत्री ने जवाब दिया-सोया मिल्क सामान्य ताप पर 90 दिन तक ठीक रहता है। विधायक ने कहा कि दुर्ग जिले में बच्चे सोया मिल्क फेंक रहे हैं। इस पर अध्यक्ष डॉ महंत ने जांच का निर्देश दिया।

शिवरतन शर्मा ने पूछा कि जहां व्याख्याता नहीं, वहां पढ़ाई कैसे हो रही है? मंत्री प्रेमसाय ने कहा कि रिक्त पद पिछली सरकार के समय से हैं। हमारी सरकार ने 15 हजार पदों की भर्ती निकाली है। पहली ऐसी सरकार है, जो नियमित भर्ती कर रही है। जहां पद रिक्त हैं, वहां अतिथि शिक्षकों के जरिये पढ़ाई कराई जा रही है। शिवरतन शर्मा ने पूछा कि कितने शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर है? मंत्री ने इसका जवाब निरंक दिया है। मंत्री ने कहा कि कहीं कोई प्रतिनियुक्ति नहीं है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि मैं नाम दूंगा आप जांच कराएंगे। अध्यक्ष डॉ महंत ने मंत्री से कहा कि जांच करा ली जाए।













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