5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस

  05/06/2019


#WorldEnvironmentDay
धरती पर बड़ी विडंबनाओं के बीच मानव जीवन रेंग रहा है। एक ओर इंसान जहां चाँद की सैर कर आया है वहीं दूसरी ओर 92% लोग जिस हवा में सांस लेते हैं वह हवा साफ़ नहीं है। एक ओर जहां देश में कुछ लोगों के घरों में पीने का साफ़ पानी तक नहीं है तो दूसरी ओर देश के कुछ धनाड्य लोगों के घरों में सजावटी फ़व्वारे व स्विमिंग पूल हैं। कल्याणकारी मद में वायु प्रदूषण से निपटने की हर वर्ष की क़ीमत 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होती है (34,64,02,50,00,00,000/-रूपये) जिससे 1,154,675,000 गरीब परिवारों के लिए घर बनाए जा सकते हैं। इन सब विडंबनाओं की मात्र एक ही वजह है वो है इंसानी विवेक का स्वार्थपूर्ण बेजा इस्तेमाल।
पिछले दिनों फ़ेसबुक पर एक बड़ा ही सारगर्भित संदेश मिला... आप भी देखिये...